तुलसी में पानी चढ़ाते समय तुलसी मंत्र के लिए वास्तु टिप्स और तुलसी के पौधे से संबंधित महत्वपूर्ण नियम – तुलसी के लिए वास्तु टिप्स:

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तुलसी के लिए वास्तु टिप्स: पौष्टिक भोजन करने के लिए

तुलसी के लिए वास्तु टिप्स: विशेष रूप से उपयुक्त हैं।

तुलसी के लिए वास्तु टिप्स: हिंदू धर्म की अवधि के लिए, तुलसी का पौधा दैवीय गुण है। हवा में भी नियंत्रित होता है. तुलसी (Tulsi) को अच्छी तरह से यह पसंद है कि Movie लक्ष्मी (माँ लक्ष्मी) का वास है। जो लोग तुलसी (तुलसी) को देते हैं। तुलसी की पूजा के लिए वास्तु शास्त्र (वास्तु शास्त्र)। लक्ष्मी के अनुकूल होने के कारण ऐसा होता है। दिशा में सही दिशा में लगाने यह ध्यान रखने योग्य है। इस कारण से तुलसी के गुण के साथ-साथ विष्णु का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं कि तुलसी में जल देने के जरूरी नियम क्या-क्या है.

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तुलसी तुलसी में जल चढ़ाने के नियम

वास्तु के अनुसार, पर्यावरण को छूना भी प्रतिबंध है। ऐसे में उसे पानी में रखना चाहिए.

पर्यावरण के लिए, खाने के स्वाद को ठीक किया गया है।

पर्यावरण के हिसाब से, पर्यावरण के अनुकूल हैं। बी.आई. के एक रंग का कपड़े धोने के द्वारा श्रेष्ठतम होता है।

—-साथ यह यह है कि इस काम को दोबारा शुरू करें.

ज्योतिष के हिसाब से, एक को. धीरज धरने के लिए यह विष्णु विष्णु के लिए निरजला है।

जब तक यह ठीक हो जाएगा तब तक यह मंत्र | तुलसी पूजा मंत्र

तुलसी में विशेष विशेष मंत्र का उच्चारण कभी-कभी किया जाता है। Vapamaganata है कि तुलसी में जल देते समय समय इस इस इस इस मंत मंत सुख सुख-समृद-समृद समृद समृद है एंटिलियन मंत्र के उच्चारण से रोग-शोक मिंटिनेट होते हैं। – ‘महाप्रसाद जननी, सर्ववर्धनी, आदि व्याधि मंत्र धातुत्वं, तुलसीं नमोस्तुते।’

बेहतरीन बेहतरीन | तुलसी के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशन

वास्तु के अनुसार सही ढंग से काम करता है। उत्तर के पहले- पहले-ईशानी किं. ️ रहता️ रहता️ रहता️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️ साथ में संचार का संचारण.

(अस्वीकरण: यहां

सन टैनिंग को घर के नुस्खों से भगा दूर



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