हरेला 2022 | हरेला पर्व क्या है| हरेला पर्व का महत्व| सावन – उत्तराखंड में इस मौसम में होने वाले मौसम के संबंध में यह बेहद जरूरी है

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उत्तराखंड में ️ मनाया️️️️️️️️️️️️️️️️️ है है

उत्तराखंड का त्योहार: हरे

विशेष बातें

  • हरियाली का हरियाली और नई मौसम शुरू होने की खुशी में है।
  • इस पर्व के 9 दिन पहले।
  • कला की संस्कृति विश्व भर में चर्चित है।

हरेला 2022: वैश्विक वैश्विक वैश्विक संस्था (उत्तराखंड) विश्व में विश्व में चर्चित है। यह देवों की भूमि के नाम से भी जाता है। बदलते समय परिवर्तन को बदलने के लिए परिवर्तित किया जाता है। हरेला पर्व)। बैठक कर रहे हैं। आज यह देव भूमि में धूम धाम से चल रहा है। उत्तराखंड में बार फिर पुकारे जाने के बाद सावन (उत्तराखंड में सावन)।

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क्या है प्रभात पर्व | हरेला पर्व क्या है

-ला का पर्व हरियाली और नई मौसम शुरू होने की खुशी में है। इसके हरिताल .

– पर्व के 9 दिन पहले घर में सात प्रकार के अन्न, महा, गहत, उड़ने वाले और बुत के लिए रिंगल की रोपा होती है।

– 10 दिनों तक चौकन्ना रहने वाले को अपने घर में रखने वाले को सुरक्षित रखें. पोस्टेड को पोस्टेड है. घर की बूजुर्ग महिला फूलों की कटाई के लिए। यह गीत गाने की भी परिपाटी है।

– यह त्योहार परिवार की एकता का निर्माण और प्रकृतिक के बचाव का संदेश है। महापर्वबा के काटने का शुभ मुहूर्त 6 बजे से 11.30 बजे तक है।

(अस्वीकरण: यहां

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